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The mean tales of the mean world (मतलबी दुनिया के मतलबी किस्से)

इस दुनिया में आप जो कुछ भी देखते हैं, जिस पर विस्वास करते हैं,

उसका बनने या होने का कुछ न कुछ उद्देश्य जरूर है किसी विषय वस्तु

का होना या न होना दो बातों पर निर्भर करती है, पहला तो यह कि कोई

भी चीज या तो किसी मतलब के लिए होती है या फिर किसी उद्देश्य के

लिए होती है।

अक्सर ये समाज में देखने को मिलता रहता है हर जगहों पर की लोग

अपने रिश्तों को लेकर परेशान रहते हैं, जो रिश्ता इतने प्यार से चला आ

रहा होता है वहीं रिश्ता किसी ऐसे समय में ऐसा रूप ले लेता है कि दोनों

एक दूसरे को पसंद नहीं करते हैं जो कभी सबसे प्यारा रिश्ता था उसको

निभाना नहीं चाहते हैं

The mean tales of the mean world मतलबी दुनिया के मतलबी किस्से आपको हर रिश्तों में मिल जाएंगे…

बेटा बहु द्वारा अपने माँ बाप को वृद्धा आश्रम भेजना

आज के समय में ऐसा दौर आ गया है कि लोग अपने माँ बाप को ही

छोड़ देते हैं उसी माँ बाप को जिसने उस इंसान को पाल पोष कर बड़ा

किया उसको दो रोटी कमाने लायक बनाया, जिसके जन्म होने पर

खुशिया मनाई, इस उम्मीद के साथ की बड़ा होकर हम लोगों का बुढ़ापे

का सहारा बनेगा लेकिन नहीं हुआ, इससे ज़्यादा मतलबी आप किसको

कहेंगे।

आज के बच्चों को अपने माँ बाप का आदर न करना

आज के वर्तमान परिवेश में से देखने को काफी मिलता है कि बच्चें

अपने माँ बाप का कहा नहीं सुनते हैं उनका आदर नहीं करते हैं, जिस

उद्देश्य के लिए एक माँ एक पिता अपने बच्चों को जीवन देता है जन्म

देता है उसको पालता पोषता है, उसको पढ़ाता लिखाता है लाखों

मुश्किलों और चुनौतियों का सामना करने के बाद उसको उस योग्य

बनाता है उस माँ और पिता को आज कल के बच्चें उनका आदर नहीं

करते हैं,

आज कल के परिवेश में बच्चों में एक कमी बहुत देखने को मिलता है

कि आज के बच्चे पहले के मुकाबले काफी शिक्षित तो हो रहे हैं लेकिन

पश्चिमी देशों का अनुशरण ज्यादा करने लगे हैं और अपनी संस्कृति

भूलते जा रहे हैं।

शादी होने के कुछ साल बाद तलाक का होना

आज कल ये ज्यादा देखने को मिलता है कि लोग बड़े प्यार से शादी

करते हैं, और कुछ ही साल बाद तलाक ले लेते हैं, जिस शादी को जन्मों

जन्मों का बंधन भारतीय संस्कृति में कहा जाता है उस शादी को आज के

समय में कोई मह्त्व ही नहीं रह गया है, जिस भारतीय संस्कृति में सभी

संस्कारों में शादी का दर्जा एक महत्त्वपूर्ण भूमिका में हैं उसी का आज के

समाज में कोई मह्त्व नहीं दिख रहा है, आप सभी को बहुत सारा ऐसा

उदारहण देखने को मिल जाएगा जिसकी शादी के कुछ ही साल बाद

दोनों अलग हो जाते हैं ये देख कर ये कहा जा सकता है कि आज के

समय शादी भी मतलब के लिए ही हो गया है, इसीलिए इस लेख का

शीर्षक The mean tales of the mean world (मतलबी दुनिया

के मतलबी किस्से) ये लिखा गया है.

आज के युग में लोग पहले खुद के लाभ को देखते हैं यहाँ तक कि लोग

किसी की मदद भी करते हैं तो पहले ये देखते हैं कि क्या इसको मदद

करने में कोई लाभ है यदि लाभ होता है तो ही उसको मदद करते हैं नहीं

तो नहीं करते हैं.

ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि सभी लोग इसी तरह से करते हैं आज भी

मानवता जिंदा है लोगों के बीच और जिंदा भी रहेगा, मनुष्य को एक

दूसरे के साथ प्रेमपूर्वक और मतलब को छोड़कर निस्वार्थ भाव के साथ

मदद करनी चाहिए।

Neeraj Pandey
Neeraj Pandey

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34 thought on “The mean tales of the mean world..”
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