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नशे में बचपन : नशा करना जीवन की सबसे बड़ी गलती है। परिवार में

एक व्यक्ति नशा करता है और परेशान पूरा परिवार रहता है। आज हमारे

पूरे समाज का भविष्य अंधकार में नजर आता है और यह अंधकार है

नशीले पदार्थों का। ये नशीली वस्तुएँ सिगरेट, तंबाकू, शराब, नशीली

दवाइयां इत्यादि कुछ भी हो सकती है। हमारे देश के भविष्य यानी कि

हमारी युवा पीढ़ी जिनके कंधों पर हमारे देश का भविष्य है। उन

नौजवानों के हाथो में शराब की बोतल या सिगरेट दिखाई पड़ती है, नशे

के अंधकार में डूबने के बाद हमारे नौजवान अपनी संस्कृति, बड़ो का

आदर – सत्कार जैसी शिष्टाचारी बातों को भुला बैठते हैं। अब तो समय

ऐसा आ गया है कि पूजा, शादी – विवाह, या श्राद्ध जैसे अवसरों पर भी

लोग नशा करते हैं। नशे की लत अमीर परिवारों में तो शान की बात

मानी जा सकती है, किंतु अब तो इसमे गरीब भी फंस गया है। अमीर

व्यक्ति तो नशे में अपनी दौलत ही गवाते हैं किन्तु गरीब व्यक्ति नशा करने

के चक्कर में अपने परिवार का भी सुख चैन छिन लेता है।

नशे की लत हमारे युवा पीढ़ी के लिए एक भयानक अंधकार है जो हमारे

युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। नशा सेहत के लिए बहुत ही

नुकसानदायक होता है ये जानने के बावजूद भी लोग नशा करते हैं।लोग

नशे में बचपन अपनी खराब कर देते हैं। नशा तो जैसे लोगों का शौक

बन गया है अगर शौक करना ही है तो किसी अच्छे चीजों का करिए

जिससे देखने वाले भी आप जैसा शौक करने के लिए प्रेरित हों। वक्त है

अभी – भी संभल जाओ।नशा करने के कारण बहुत से व्यक्ति आपको

अच्छे नजरिए से नहीं देखते हैं। कहीं न कहीं आप अपनी प्रतिष्ठा भी खो

बैठते हैं।नशा करने से बहुत तरह की बीमारियाँ भी उत्पन्न होती हैं।

समाज का विकास हमारी युवा पीढ़ी की प्रथम जिम्मेदारी है।

By Anjali Singh Rajput

Senior Executive Editor

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