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उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में ‘नाथ पंथ का वैश्विक प्रदेय’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी सह वेबिनार में हिस्सा लिया और प्रदर्शनी का दौरा किया।

हमारे शिक्षण संस्थान केवल ज्ञान तक ही सीमित न रहे बल्कि ज्ञान-विज्ञान की औपचारिकताओं से ऊपर उठकर अपनी परंपरा, संस्कृति और इतिहास बोध से भी जुड़ सकें। यह आज की ज़रूरत है।

अपनी परंपरा, संस्कृति की विरासत को विस्मृत करते हुए व्यक्ति त्रिशंकु की तरह झूल तो सकता है, लेकिन त्रिशंकु का कोई लक्ष्य नहीं होता है। हमारे शिक्षा के केंद्र अगर त्रिशंकु बनकर झूलते हुए दिखाई देंगे तो वे समाज और लोगों के जीवन में परिवर्तन नहीं कर पाएंगे।

By Ratnavali Verma

Executive Editor

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