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आज प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग द्वारा सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। जिसके अन्तर्गत ‘‘इतिहास की वर्तमान प्रासंगिकता‘‘ विषय पर परिचर्चा की गयी। इस परिचर्चा के अन्तर्गत साक्षी पाण्डेय प्रथम स्थान, अनूप कुमार द्वितीय स्थान एवं अमित कुमार सिंह को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर अध्यक्ष के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के गौरवशाली इतिहास के अध्ययन से उच्चतम स्तर के सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा मिलती है और भारत को विश्वगुरू के रूप में पुनः प्रतिष्ठित करने की भावनाएं भी बलवती हो जाती हैं।

इसी क्रम में विभागाध्यक्ष डाॅ. धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि इतिहास अतीत का वह आयाम है। जिसकी प्रासंगिकता वर्तमान से उसकी दूरी के आधार पर तय होती है।

डाॅ. कामिनी सिंह ने कहा कि इतिहास के अभाव में हम यह नही जान सकते कि किस महान संस्कृति की विरासत हमें निरन्तर प्रेरित करती है।

इसी क्रम में डाॅ. सीमा श्रीवास्तव ने कहा कि इतिहास अध्ययन से भारत के गौरवशाली, श्रेष्ठ संस्कृति और परम्परा के प्रति स्वाभिमान की भावना जागृति होती है।

श्री सुरेन्द्र चैहान ने कहा कि इतिहास मनुष्य को परिपक्व बुद्धिमान और अनुभवी बनाता है।

इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रगति, शिवानी, भूपेन्द्र, अनूप, रागिनी, साक्षी, प्रीति, आदि ने नृत्य एवं संगीत के माध्यम से कार्यक्रम को जीवंत बनाये रखा। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक ने किया।

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